Assam’s Natural Farming Opportunities Supported Fully by Center, Promises Shivraj Singh Chouhan

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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए राज्य-विशिष्ट चर्चा की शुरुआत की, जिसकी शुरुआत असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक से हुई, जिसमें प्रमुख कृषि मुद्दों और बुनियादी ढांचे के विकास पर चर्चा की गई।








असम के प्राकृतिक खेती के अवसरों को केंद्र सरकार का पूरा समर्थन, शिवराज सिंह चौहान का वादा (फोटो स्रोत: @OfficeofSSC/X)





केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूरे भारत में कृषि उद्योग के विकास में तेजी लाने के प्रयास में राज्य-विशिष्ट वार्ता की एक श्रृंखला शुरू की है। 1 जुलाई, 2024 को नई दिल्ली के कृषि भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जहाँ केंद्रीय मंत्री ने एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की, जिसमें असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा भी शामिल थे।












चर्चा में असम में कृषि और किसानों के कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई विषयों पर चर्चा की गई। मुख्य रूप से मिट्टी के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई), भंडारण क्षमता में वृद्धि, तथा बागवानी को बढ़ावा देना। मंत्री चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों तथा कृषि क्षेत्र के हितों को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने क्षमता निर्माण कार्यशालाओं तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन में असम को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कृषि मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के इर्द-गिर्द घूमता रहा। मंत्री चौहान ने कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) के तहत शुष्क भंडारण, कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण इकाइयों जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) की एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण (PMFME) जैसी अन्य योजनाओं के साथ अभिसरण की आवश्यकता पर बल दिया। इन प्रयासों का उद्देश्य असम में कटाई के बाद प्रबंधन क्षमता को बढ़ाना और कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना है।












मंत्री चौहान ने दोहराया कि असम में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करती रहेंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय राज्य के कृषि क्षेत्र के विकास के लिए पूरा सहयोग देगा। इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार की कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने की नीति पर भी प्रकाश डाला। प्राकृतिक खेतीउन्होंने इस बात पर ध्यान दिलाया कि असम में इस अभ्यास के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं।












केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव संजीव चोपड़ा के साथ-साथ केंद्र और राज्य कृषि एवं बागवानी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे, जिन्होंने असम के कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए सहयोगात्मक प्रयास को रेखांकित किया।











पहली बार प्रकाशित: 02 जुलाई 2024, 11:48 IST



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