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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र और राज्य के सहयोग से छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण समर्थन का वादा किया।
भारत भर में कृषि क्षेत्र के विकास में तेजी लाने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यवार परामर्श की पहल की है। इस पहल के तहत केंद्रीय मंत्री ने 01 जुलाई, 2024 को नई दिल्ली के कृषि भवन में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।
चर्चा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में दलहन, तिलहन और बागवानी को बढ़ावा देने सहित विभिन्न कृषि पद्धतियों में सुधार करना था। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया और छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र को व्यापक समर्थन देने का वादा किया।
बैठक के दौरान जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई उनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी कई केंद्रीय योजनाओं और कार्यक्रमों का कार्यान्वयन और प्रगति शामिल थी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनाराष्ट्रीय कृषि विकास योजना, तथा दलहन, तिलहन और बागवानी को बढ़ावा देने वाली पहलों पर चर्चा की गई। नमो ड्रोन दीदी और ऑयल पाम मिशन जैसे अभिनव कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई।
चौहान ने भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ के किसानों को केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से पूरा समर्थन मिलेगा। उन्होंने दालों और तिलहन की खेती को बढ़ाने पर केंद्र सरकार की नीति पर प्रकाश डाला और राज्य में मक्का और सोयाबीन उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं की ओर इशारा किया।
खरीफ सीजन को सफल बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उर्वरकों और बीजों जैसे आवश्यक इनपुट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने दोहराया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय छत्तीसगढ़ के कृषि विकास प्रयासों को पूर्ण समर्थन दिया जाएगा।
बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव संजीव चोपड़ा के अलावा केंद्र और राज्य कृषि एवं बागवानी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
यह सहयोगात्मक दृष्टिकोण छत्तीसगढ़ के कृषि परिदृश्य को बढ़ाने के लिए एक मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो इसके कृषक समुदाय के लिए समृद्ध भविष्य का वादा करता है।
पहली बार प्रकाशित: 01 जुलाई 2024, 18:10 IST
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