[ad_1]
3 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने साल 2002 में रिलीज हुई अजय देवगन स्टारर फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ प्रोड्यूस की थी। भले ही इस फिल्म को उस वक्त दो नेशनल अवॉर्ड मिले थे पर बॉक्स ऑफिस पर यह फ्लॉप रही थी।
अब एक इंटरव्यू में तौरानी ने इस फिल्म के कॉमर्शियल फेलियर पर बात की। उन्होंने कहा कि फिल्म को क्रिटिक्स ने भले ही सराहा पर बॉक्स ऑफिस पर यह डिजास्टर थी।

फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ के एक सीन में अजय देवगन।
तब भगत सिंह पर पांच फिल्में साथ में रिलीज हुईं
शोशा को दिए एक इंटरव्यू में तौरानी ने कहा, ‘यह फिल्म उस वक्त इसलिए नहीं चली क्योंकि तब तक भगत सिंह पर पांच फिल्में बन चुकी थीं। इनमें से एक सोनू सूद स्टारर तो हमारी फिल्म की रिलीज से एक हफ्ते पहले ही रिलीज हुई थी।
वहीं हमारी फिल्म भी सोलो रिलीज नहीं हुई थी। इसके साथ सनी और बाॅबी स्टारर ‘23 मार्च 1931:शहीद’ रिलीज हुई थी।
इसके अलावा भी दो और फिल्में बन रही थीं। एक जेपी दत्ता के प्रोडक्शन कंट्रोलर ने बनाई थी जो पूरी बनकर भी कभी रिलीज नहीं हुई। वहीं एक रामानंद सागर ने बनाई जिसे उन्होंने एक साल बाद डायरेक्टर दूरदर्शन पर रिलीज किया था।

रमेश तौरानी और अजय देवगन ने साथ में कई फिल्मों में काम किया है।
यह बहुत बड़ा फाइनेंशियल लॉस था
तौरानी ने आगे बताया, ‘हमारी टीम इस फिल्म के रिजल्ट से काफी निराश हुई। हमारी कंपनी टिप्स की पूरी इकोनॉमी हिल गई। हमने इसे करीबन 27 करोड़ के बजट में बनाया था और इसने कमाया मात्र 5 करोड़ ही।
हमें कुल 22 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था जो कि बहुत बड़ा फाइनेंशियल लॉस था। हालांकि, फिल्म को क्रिटिकली काफी तारीफ मिली। दाे नेशनल अवॉर्ड भी जीते।’

‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ में अजय के अपोजिट अमृता राव नजर आई थीं।
फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ में अजय देवगन के अलावा राज बब्बर, सुशांत सिंह, अखिलेंद्र मिश्रा और अमृता राव जैसे कलाकार भी नजर आए थे। फिल्म ने दो कैटेगरी बेस्ट फीचर फिल्म इन हिंदी और बेस्ट एक्टर के नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किए थे।
[ad_2]