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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के बीड़ बिलिंग में पैराग्लाइडिंग करते हुए पायलट। इस साल होने वाले वर्ल्ड कप में यहां 50 देशों के प्रतिभागी भाग लेंगे।
भारत को इस बार पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप मेजबानी मिली है। इसका आयोजन हिमाचल के कांगड़ा जिले के बीड़-बिलिंग में 2 से 9 नवंबर के बीच किया जाएगा। पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप एसोसिएशन ने बीते साल बीड़-बिलिंग में संपन्न पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्री-वर्ल्ड कप और पै
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आपको बता दें कि साल 2023 में बीड़ बिलिंग में दो प्री-वर्ल्ड कप आयोजित किए जा चुके हैं। बीड़ बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन (BPA) के अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार के प्रोत्साहन और सहयोग से भारत को इसकी मेजबानी मिली है। उन्होंने बताया कि फेडरेशन एरोनोटिक इंटरनेशनल (FAI) ने इसे कैटेगिरी 2 इवेंट का दर्जा दिया है। एयरो क्लब ऑफ इंडिया ने भी इसे मान्यता दी है।
भारत को पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप की मैजबानी मिलने के बाद शिमला में प्रेस कॉफ्रेंस करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू।
40 से 50 देश करेंगे प्रतिभाग
अनुराग ने बताया कि इस इवेंट में 40 से 50 देश के प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि, अभी पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप एसोसिएशन की वेबसाइट में मात्र तीन दिन में ही 27 देशों के 81 प्रतिभागी अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। इस वर्ल्ड कप में 130 प्रतिभागियों को ही उड़ान भरने का मौका मिलेगा। इसके लिए वर्ल्ड और नेशनल रैंकिंग को आधार बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया, वर्ल्ड कप में प्रतिभागियों को प्रतिदिन क्रॉस कंट्री के तहत बीड़ बिलिंग से 100 से 200 किलोमीटर उड़ान के टास्क दिए जाएंगे। इस आयोजन के दौरान बीड़-बिलिंग में हिमाचल पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल भी मनाया जाएगा। इसमें वर्ल्ड कप के अलावा दर्शकों के लिए हवाई रोमांचक खेल से जुड़े कई करतब, मैराथन, साइकिलिंग, राफ्टिंग व इंडियन एयर फोर्स के शो का भी आयोजन होगा। साथ ही हिमाचली संस्कृति से रूबरू करवाते हुए वर्ल्ड कप के दौरान रोजाना संध्या को संस्कृत संध्याओं का भी आयोजन होगा।

कांगड़ा के बीड़ बिलिंग में पैराग्लाइडिंग करते हुए पायलट
सीएम बोले- पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
भारत को वर्ल्ड कप की मेजबानी मिलने के बाद हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस में एसोसिएशन को बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा बीड़ बिलिंग में होने वाले इस वर्ल्ड कप से हिमाचल को दुनियाभर में पहचान मिलेगी। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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