मनु भाकर के पदक की धूम चंडीगढ़ में: कॉलेज में ढोल नगाड़े पर जश्न, DAV-10 से कर रही है मास कम्युनिकेशन – Chandigarh News

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चंडीगढ़ की छात्रा मनु भाकर ने देश को दिलाया दूसरा पदक।

मनु भाकर के पेरिस ओलंपिक में दूसरा ब्रॉन्ज पदक जीतने का जश्न चंडीगढ़ में मनाया जा रहा है। चंडीगढ़ में सेक्टर 10 DAV कॉलेज की वह छात्रा है। यहां से वह है पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन में पढ़ाई कर रही है। इससे पहले मनु भाकर ने 2022 में कॉ

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ढोल नगाड़े के साथ कॉलेज में जश्न मनाते छात्र।

दो पदक जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी

मनु भाकर किसी एक ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गई है। अभी तक किसी भी महिला खिलाड़ी ने एक ओलंपिक में दो पदक नही जीते है। इससे पहले 10 मीटर एयर पिस्टल इंडिविजुअल में भी ब्रॉन्ज पदक जीता था। यह पेरिस ओलंपिक 2024 का भारत के लिए पहला पदक था और आज भारत को दूसरा पदक भी मनु भाकर में ही दिलवाया है। कॉलेज के उसके अध्यापकों ने बताया कि मनु भाकर की सबसे पसंदीदा 25 मीटर शूटिंग है। वह खेल अभी उसका बकाया है। इसमें भी वह भारत को पदक दिलाएगी।

कॉलेज से 5 शूटर ले रहे हैं हिस्सा

डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ देश का एकमात्र कॉलेज है, जहां से पांच शूटर पेरिस ओलिंपिक में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें शूटर विजय वीर सिद्धू, सरबजीत सिंह, मनु भाकर, अर्जुन बबूता और अंजुम मुदगल शामिल हैं।

ओलिंपिक में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा भी इसी कॉलेज के छात्र थे। ऐसे में कॉलेज के पूरे स्टाफ में खुशी का माहौल है और उन्हें उम्मीद है कि और भी छात्र देश और इस कॉलेज का नाम रोशन करेंगे।

मनु भाकर चंडीगढ़ के जी कॉलेज में पढ़ती है, उस कॉलेज की 10 मीटर शूटिंग रेंज।

मनु भाकर चंडीगढ़ के जी कॉलेज में पढ़ती है, उस कॉलेज की 10 मीटर शूटिंग रेंज।

टोक्यो ओलिंपिक में 14 शॉट लगाईं मनु

मनु भाकर के शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2021 में टोक्यो ओलिंपिक में खेलते समय मनु भाकर की पिस्टल खराब हो गई थी। इसके कारण वह 20 मिनट तक निशाना नहीं लगा पाई थी। पिस्टल की मरम्मत होने के बाद भी मनु केवल 14 शॉट ही लगा पाई और फाइनल रेस से बाहर हो गई।

टोक्यो ओलंपिक में पदक न जीत पाने से वह इतनी निराश हुई कि देश लौटने के बाद उसने शूटिंग छोड़ने का फैसला कर लिया, लेकिन वह कॉलेज के दिनों से ही मुश्किलों से लड़ना जानती है। उसकी सबसे अच्छी बात यह है कि वह हमेशा अपने अतीत को भूलकर आगे बढ़ने की कोशिश करती है।

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