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केरल के त्रिशूर जिले के एक फार्म में अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) नामक अत्यधिक संक्रामक और जानलेवा बीमारी की पुष्टि हुई है, जो घरेलू और जंगली सूअरों को प्रभावित करती है। यह बीमारी मनुष्यों को प्रभावित नहीं करती है, लेकिन सूअरों की आबादी और कृषि अर्थव्यवस्था को काफी प्रभावित कर सकती है।
त्रिशूर के जिला कलेक्टर ने अफ्रीकी स्वाइन फ्लू के मामलों की पुष्टि के बाद कट्टिलापूवम और मदक्कथारा के प्रभावित क्षेत्रों में सूअरों को मारने और दफनाने का आदेश दिया है। पशु चिकित्सकों और अन्य अधिकारियों से युक्त दो रैपिड रिस्पांस टीमों (आरआरटी) ने बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए सूअरों को मारना शुरू कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में कीटाणुशोधन प्रक्रियाएं भी लागू की जाएंगी।
सूअरों और पोर्क उत्पादों की आवाजाही पर प्रतिबंध:
जिला प्रशासन ने संक्रमित खेतों के चारों ओर एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र तथा दस किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित किया है।
इन क्षेत्रों में सूअरों की आवाजाही अगले आदेश तक प्रतिबंधित कर दी गई है। संक्रमित क्षेत्रों में सूअर का मांस बेचने वाली दुकानों को बंद करने का आदेश दिया गया है।
जांच और निगरानी:
यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि पिछले दो महीनों में प्रभावित फार्मों से सूअरों को अन्य स्थानों पर ले जाया गया था या नहीं। सूअरों और सूअर के मांस से बने उत्पादों की अवैध आवाजाही को रोकने के लिए जिले में प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी जांच की जा रही है।
निकटवर्ती नगर पालिकाओं और पंचायतों के स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना पशु चिकित्सा अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया है।
पहली बार प्रकाशित: 05 जुलाई 2024, 19:16 IST
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