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37 मिनट पहले
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बॉलीवुड एक्ट्रेस और राजनेता कंगना रनोट ने शंकराचार्य पर पलटवार किया है। हाल ही में शंकराचार्य ने महाराष्ट्र CM एकनाथ शिंदे को गद्दार और विश्वासघाती कहा था। इस पर अब कंगना ने CM एकनाथ शिंदे का बचाव करते हुए शंकराचार्य पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि शंकराचार्य पर ऐसी छोटी और ओछी बातें शोभा नहीं देतीं।
हाल ही में कंगना रनोट ने X प्लेटफॉर्म पहले ट्विटर पर लिखा है, ‘राजनीति में गठबंधन, संधि और एक पार्टी का विभाजन होना बहुत सामान्य और संवैधानिक बात है। कांग्रेस पार्टी का विभाजन 1907 में और फिर 1971 में हुआ, अगर राजनीति में राजनीतिज्ञ राजनीति नहीं करेंगे तो क्या गोल गप्पे बेचेंग। शंकराचार्य जी ने उनकी शब्दावली और अपने प्रभाव और धार्मिक शिक्षा का दुरुपयोग किया है।’

आगे एक्ट्रेस ने लिखा है, ‘धर्म ये कहता है कि अगर राजा ही प्रजा का शोषण करने लगे तो राजद्रोह ही आखिरी धर्म है। शंकराचार्य जी ने महाराष्ट्र के हमारे माननीय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी पर अपमानजनक शब्दावली से गद्दार, विश्वासघाती जैसे आरोप लगाते हुए हम सब की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, शंकराचार्य जी इस तरह की छोटी और ओछी बातें करके हिंदू धर्म की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।’

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 15 जुलाई को मुंबई में मातोश्री आवास पहुंचे थे।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी अलग करने पर शिवसेना (शिंदे गुट) एकनाथ शिंदे पर विश्वासघात करने का आरोप लगाया था। 15 जुलाई को जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री पहुंचे थे। इस दौरान शंकराचार्य ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा था कि उद्धव ठाकरे के साथ विश्वासघात हुआ है और इस बात को महाराष्ट्र की जनता जानती है। जो लोग लोगों के साथ विश्वासघात करते हैं, वे हिंदू नहीं हो सकते।
शंकराचार्य का बयान सामने आने के बाद से ही कई पार्टी नेता उनके खिलाफ बयान दे रहे हैं। इसी बीच कंगना रनोट ने भी सीएम एकनाथ शिंदे का सपोर्ट किया है। बताते चलें कि कंगना रनोट ने भाजपा की तरफ से हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव जीता था।

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